Skip to main content

क्या जय भीम बोलना कानूनी हैं या गैरकानूनी हैं ?

*सभी की जय बोलना कानूनी पर जय भीम बोलना गैरकानूनी कैसे ?*

:- जी,हाँ आपने बिल्कुल ठीक ही पढ़ा है। कुछ दिनों से सोशल मीडिया एवं  प्रिंट मीडिया पर एक मेसेज वायरल हो रहा है। जिसमें उज्जैन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह जी अपने अधीनस्थ सिपाही के वायरलेस सेट पर जय भीम बोलने पर कार्यवाही करने की बात कहते हैं।

आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि अभी तक उज्जैन पुलिस वायरलेस सेट पर जय हिंद जय भारत संबोधन की जगह जय महाकाल और जय श्रीराम का सम्बोधन कर रही थी लेकिन जैसे ही वायरलेस सेट पर जय भीम बोला गया इस पर एस पी साहब जातिगत एवं राजनैतिक हवाला देकर कार्यवाही करने की बात कहने लगे।

आप सभी को विदित ही होगा कि देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति महोदय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय,उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश,अन्य न्यायाधीश,सभी  राज्यों के राज्यपाल एवं सभी प्रशासनिक अधिकारी कानून की शपथ लेते है एवं कानून व्यवस्था लागू करने,संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की कसम खाते हैं।
यहाँ तक कि सभी राजनैतिक दलों के नेता,प्रधानमंत्री,सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी कानून की जय बोलते हैं।
तो कानून बनाने बाले की जय बोलना गैर कानूनी कैसे हो सकता है।

उज्जैन की घटना हमें यह ज्ञात कराती है कि आज़ादी के 73 साल बाद भी प्राशासनिक अधिकारी अपनी छोटी सोच को बदल नहीं पाए हैं ।
कानून के रखवाले ही धर्म मे अंधे होकर संविधान के भाग-3 में वर्णित मौलिक अधिकारों (अनु 12-35) के अनुच्छेद 19 में वर्णित वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की धज्जियाँ उड़ाते नजर आते हैं।

जब कानून के रखवाले अपने ही अधीनस्थ कानून के रखवाले पर कार्यवाही करने लगें तो शतर्क हो जाना चाहिए।
यह आपकी अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म करके आपकी आवाज दबाने का षणयंत्र रचना चाहते है।
*ए मेरे बहुजन समाज के भाई बहनों बाबा साहब ने पहले ही कहा था कि मैं मरा नहीं हूँ जब तक संविधान जिंदा है तब तक मैं जिंदा हूँ बस संविधान को न मरने देना*

इएलिये हमें बाबा साहब के संविधान में वर्णित एक एक अनुच्छेद को बचाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए।

हम सभी को इसे संज्ञान में लेकर संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज करवाना चाहिए।
हम सभी को धरना एवं उग्र प्रदर्शनों से बचकर पोस्टकार्ड  एवं ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं राजपाल महोदय को उच्चस्तरीय विरोध दर्ज करवाना चाहिए।

*जय भीम नमो बुद्धाय जय बहुजन समाज जय संविधान*

   *रोहित गौर 'सम्राट'*
  *बहुजन युवा चिंतक*

Comments

Popular posts from this blog

Munesh

                       Munesh miholiya ji

मायावती के जीवन की कुछ तथ्य

  मायावती (जन्मः  जनवरी 15, 1956;) एक भारतीय राजनीतिज्ञ है,  और चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष है, जो भारतीय समाज के सबसे कमजोर वर्गों - बहुजनों या अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग और पान्थिक अल्पसंख्यकों के जीवन में सुधार के लिए सामाजिक परिवर्तन के एक मंच पर केन्द्रित है। उ त्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमन्त्रीव्यक्तिगत जीवन - मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को नई दिल्ली के हिन्दू परिवार में हुआ था। उनके पिता, प्रभु दास, गौतम बुद्ध नगर में एक डाकघर कर्मचारी थे। मायावती के 6 भाई एवं 2 बहनें हैं। उन्हें "बहन जी" के नाम से भी जाना जाता है।  उन्होंने 1975 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कालेज से कला में स्नातक की। 1976 में उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से बी॰एड॰ और 1983 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एल॰एल॰बी॰ की पढ़ाई की। राजनीति में प्रवेश से पूर्व वे दिल्ली के एक स्कूल में शिक्षण कार्य करती थी। इसके अलावा वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के परीक्षाओं के लिये अध्ययन भी करती थी। राजनीति में प्रवेश संप...