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Showing posts from December 23, 2021

बाबा तेरी अजाब कहानी

 *यह पोस्ट आपके आंखों में आंसू ला देगा* *एक कड़वा सत्य* *आपकी शानोशौकत, ठाट-बाट, कीमती गहने और कपड़े, गाड़ी और सुंदर मकान बाबा साहब भीमराव के बलिदान की बदौलत है, किसी देवी देवता के आशीर्वाद की बदौलत नहीं।* जब बड़ौदा के महाराज ने बाबा साहब को वजीफा दिया और बाबा साहब विदेश जा कर पढ़ना चाहते तो उनकी पत्नी रमाबाई और 5 बच्चे थे तो देखिए वह किस प्रकार से बाबा साहब अपनी बात रमाबाई के सामने रखते हैं। बाबा साहेब - रमा बड़ौदा के महाराज ने मुझे वजीफा दिया है और मैं विदेश जा कर पढ़ना चाहता हूं लेकिन जब मैं तेरी तरफ मुड़कर देखता हूं तेरे पास 5 बच्चे हैं आमदनी का कोई साधन नहीं है और मैं भी तुझे कोई पैसा देकर नहीं जा रहा हूं क्या ऐसी परिस्थिति में तू मुझे विदेश जाकर पढ़ने की अनुमति देगी रमाबाई - बाबा साहब यह बात सच है कि मेरे पास 5 बच्चे हैं और आमदनी का भी कोई साधन नहीं है और आप भी मुझे कोई पैसा देकर नहीं जा रहे हो लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाती हूं आप अपनी इच्छा को पूरी करके आना आप अपनी पढ़ाई को पूरी करके आना इन 5 बच्चों का पेट मैं खुद पाल लूंगी, और जब माता रमाबाई बाबा साहब को भरोसा दिलाती हैं तो ब...

संत गाडगे जी के जीवन के अहम बिंदु

 आज के दिन बहुजनो के एक और महान मसीहा संत गाडगे बाबा जी का 20 dec.1956 को  महापरिनिर्वाण हुआ था संत गाडगे बाबा जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर शत् शत् नमन 💐💐💐❤❤🙏🙏🙏 👉उनका मूल नाम देबूजी झिंगराजी जनोरकर था। उनका जन्म महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अंजनगांव सुरजी तालुका के शेंदगांव गांव में एक धोबी परिवार में हुआ था 👉👉भारत के डाक विभाग ने गाडगे महाराज के नाम पर एक स्मारक डाक टिकट जारी कर उन्हें सम्मानित किया था। 👉👉👉गाडगे बाबा डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर से अत्यधिक प्रभावित थे । इसका कारण यह था कि वह अपने " कीर्तन " के माध्यम से लोगों को उपदेश देकर जो समाज सुधार कार्य कर रहे थे", डॉ. अम्बेडकर राजनीति के माध्यम से ऐसा ही कर रहे थे। वे बाबासाहेब के व्यक्तित्व और कार्य से प्रभावित थे।  👉👉👉👉गाडगे  बाबा ने पंढरपुर में अपने छात्रावास का भवन डॉ अम्बेडकर द्वारा स्थापित पीपुल्स एजुकेशन सोसाइटी को दान कर दिया था। वे अम्बेडकर का उदाहरण देते थे। उन्होंने लोगों से शिक्षित होने का आग्रह करते हुए कहा, "देखिए, कैसे डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अपनी कड़ी मेहनत के बल पर इतने विद्वान व्यक...