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संत गाडगे जी के जीवन के अहम बिंदु

 आज के दिन बहुजनो के एक और महान मसीहा संत गाडगे बाबा जी का 20 dec.1956 को  महापरिनिर्वाण हुआ था संत गाडगे बाबा जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर शत् शत् नमन 💐💐💐❤❤🙏🙏🙏

👉उनका मूल नाम देबूजी झिंगराजी जनोरकर था। उनका जन्म महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अंजनगांव सुरजी तालुका के शेंदगांव गांव में एक धोबी परिवार में हुआ था

👉👉भारत के डाक विभाग ने गाडगे महाराज के नाम पर एक स्मारक डाक टिकट जारी कर उन्हें सम्मानित किया था।

👉👉👉गाडगे बाबा डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर से अत्यधिक प्रभावित थे । इसका कारण यह था कि वह अपने " कीर्तन " के माध्यम से लोगों को उपदेश देकर जो समाज सुधार कार्य कर रहे थे", डॉ. अम्बेडकर राजनीति के माध्यम से ऐसा ही कर रहे थे। वे बाबासाहेब के व्यक्तित्व और कार्य से प्रभावित थे। 

👉👉👉👉गाडगे  बाबा ने पंढरपुर में अपने छात्रावास का भवन डॉ अम्बेडकर द्वारा स्थापित पीपुल्स एजुकेशन सोसाइटी को दान कर दिया था। वे अम्बेडकर का उदाहरण देते थे। उन्होंने लोगों से शिक्षित होने का आग्रह करते हुए कहा, "देखिए, कैसे डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अपनी कड़ी मेहनत के बल पर इतने विद्वान व्यक्ति बन गए। शिक्षा किसी वर्ग या जाति का एकाधिकार नहीं है। गरीब का बेटा भी कई डिग्री प्राप्त कर सकता है।'' गाडगे बाबा अम्बेडकर से कई बार मिल चुके थे। अम्बेडकर उनसे अक्सर मिलते थे और सामाजिक सुधार पर चर्चा करते थे। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने उन्हें ज्योतिराव फुले के बाद लोगों का सबसे बड़ा सेवक बताया था ।

👉👉👉👉👉उन्होंने उन मूल्यों को अपनाने की कोशिश की जिनका उन्होंने प्रचार किया: कड़ी मेहनत, सादा जीवन और गरीबों की निस्वार्थ सेवा। इस रास्ते पर चलने के लिए उन्होंने अपने परिवार (एक पत्नी और तीन बच्चों) को त्याग दिया। 

जय भीम, गाडगे बाबा अमर रहे......

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